
योग-दर्शन तथा साधना की हिन्दी पत्रिका
योगापीस संस्थान · जयपुर
योग आनंदम् एक हिन्दी योग पत्रिका है, जो योग-दर्शन, योग साधना, भारतीय दर्शन और योग-विद्या से जुड़े प्रामाणिक एवं ज्ञानपरक लेखों को पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास करती है। इसका उद्देश्य योग को उसके मूल, प्रामाणिक और सम्पूर्ण स्वरूप में समझने के लिए एक विवेकपूर्ण एवं अध्ययनपरक मंच उपलब्ध कराना है।
योग — पूर्ण लक्ष्य
योग यहाँ देह-साधन मात्र नहीं, अपितु अपने पूर्ण लक्ष्य — चित्त-वृत्ति-निरोध तथा स्वरूप-प्रतिष्ठा — के रूप में निरूपित होता है।
स्वास्थ्य — सहज उपलक्ष्य
स्वास्थ्य योग का स्वाभाविक उपलक्ष्य है, साध्य नहीं। साधना के परिपाक के साथ वह स्वयं प्रकट होता है।
भारतीय दर्शन — स्वतंत्र प्रामाणिकता
सांख्य, योग, वेदान्त तथा अन्य परम्पराएँ अपनी स्वतंत्र प्रामाणिकता में। शास्त्र, ऋषि-वचन तथा अनुभव स्वयं प्रमाण हैं।
प्रथम भाग
ग्रीष्म ऋतु अनुकूल साधना
योग आनंदम् में क्या पढ़ें?
योग आनंदम् में योग-दर्शन, साधना, भारतीय दर्शन, जीवन-पद्धति, स्वास्थ्य, योग शिक्षा तथा योग के विभिन्न आयामों से जुड़े प्रामाणिक एवं ज्ञानपरक लेख प्रकाशित किए जाते हैं। प्रत्येक लेख का उद्देश्य विषय को सरल, विचारपूर्ण और प्रामाणिक दृष्टि से पाठकों के समक्ष रखना है।
सदस्यता एवं प्राप्ति
प्रत्यक्ष — संस्थान से

कृष्ण कृपा – 4, सुभाष नगर, साइंस पार्क के पीछे, शास्त्री नगर, जयपुर, राजस्थान — 302016, भारत
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