योग आनंदम् — वार्षिक अभिदान (Annual Subscription) — वर्तमान अंक तथा आगामी तीन अंक
योग आनंदम् एक त्रैमासिक पत्रिका है, जो योग-विद्या को उसके मूल, प्रामाणिक एवं सम्पूर्ण स्वरूप में प्रस्तुत करती है। इसका ध्येय पाठक को योग के परम प्रयोजन — चित्त-वृत्ति-निरोध एवं स्वरूप-प्रतिष्ठा — की ओर उन्मुख करना है। स्वास्थ्य एवं सन्तुलन इस साधना के सहज परिणाम हैं, प्रधान लक्ष्य नहीं।
सांख्य, योग एवं वेदान्त — इन आस्तिक दर्शनों की दृष्टि यहाँ स्वप्रमाण रूप में प्रस्तुत की जाती है, किसी बाह्य समर्थन की अपेक्षा के बिना। प्रत्येक अंक एक ऋतु की भावभूमि पर आधारित होता है, जिससे साधना ऋतु-चक्र के साथ सहज रूप से संयुक्त रहती है।
वार्षिक अभिदान (Annual Subscription) में सम्मिलित:
- वर्तमान अंक तथा आगामी तीन अंक
- सांख्य-योग-वेदान्त की दृष्टि से रचित मौलिक दार्शनिक एवं साधना-प्रधान लेख
- ऋतुचर्या, साक्षात्कार एवं पाठक-संवाद जैसे स्थायी स्तम्भ
- शुद्ध, संस्कृतनिष्ठ हिन्दी में गम्भीर एवं प्रांजल प्रस्तुति
अभिदान ग्रहण कर आप वर्ष भर इस साधना-यात्रा में सहभागी रहते हैं — प्रत्येक तिमाही में एक नवीन अंक आपके समक्ष।